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दुनिया की 10 पावरफुल PHOTOS, जिन्होंने इतिहास पर छोड़ा गहरा असर

dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 14,2018 7:47 PM IST
  • दुनिया की 10 पावरफुल PHOTOS, जिन्होंने इतिहास पर छोड़ा गहरा असर
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इंटरनेशनल डेस्क. कई बार एक तस्वीर वो काम कर जाती है, जो शायद 100 शब्द मिलकर भी नहीं कर सकते। जो फोटोज कई बार सिर्फ उस वक्त का हाल दिखाने के लिए खींची जाती हैं, वो भी लंबे वक्त तक के लिए अपना असर छोड़ जाती हैं। यहां हम आपको इतिहास की याद दिलाती और उस पर अपना असर छोड़ने वाली ऐसी ही कुछ फोटोज दिखा रहे हैं। ये फोटोज अलग-अलग वक्त की हैं और दुनिया की तमाम घटनाओं और स्थितियों को दिखाती हैं। गौ हत्या के विरोध में आत्मदाह...

 

- ये तस्वीर है 24 मई 2013 की, जब एक बौद्ध भिक्षु ने श्रीलंका में विरोध प्रदर्शन करते हुए खुद को आग लगा ली थी। बताया जाता है कि कैनडी (Kandy) में कुछ बुद्धिस्ट लगातार हो रहे गौ हत्या का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान एक बौद्ध भिक्षु ने आत्मदाह कर लिया था।

 

आगे की स्लाइड्स में देखें ऐसे ही कुछ पावरफुल फोटोज...

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ये तस्वीर है साउथ वियतनाम के साइगोन (Saigon) की, जब 1967 में यूएस और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा था। उसी दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक महिला वियत कॉंग को संदिग्ध मानकर उस पर बंदूक तान रखा था।
ये तस्वीर है साउथ वियतनाम के साइगोन (Saigon) की, जब 1967 में यूएस और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा था। उसी दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक महिला वियत कॉंग को संदिग्ध मानकर उस पर बंदूक तान रखा था।
ये तस्वीर है साउथ वियतनाम के साइगोन (Saigon) की, जब 1967 में यूएस और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा था। उसी दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक महिला वियत कॉंग को संदिग्ध मानकर उस पर बंदूक तान रखा था।
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5 अगस्त, 1940 को कैप्चर की गई ये फोटो अमेरिका के इंडियाना स्टेट की है। जब बच्चों का पेट न भर पाने वाली फैमिली ने अपने चारों बच्चों को सेल पर लगा दिया था।
5 अगस्त, 1940 को कैप्चर की गई ये फोटो अमेरिका के इंडियाना स्टेट की है। जब बच्चों का पेट न भर पाने वाली फैमिली ने अपने चारों बच्चों को सेल पर लगा दिया था।
5 अगस्त, 1940 को कैप्चर की गई ये फोटो अमेरिका के इंडियाना स्टेट की है। जब बच्चों का पेट न भर पाने वाली फैमिली ने अपने चारों बच्चों को सेल पर लगा दिया था।
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नाजी सेना ने इस फ्रेंच महिला के सजा के तौर पर सरेआम बाल काट दिए थे।
नाजी सेना ने इस फ्रेंच महिला के सजा के तौर पर सरेआम बाल काट दिए थे।
नाजी सेना ने इस फ्रेंच महिला के सजा के तौर पर सरेआम बाल काट दिए थे।
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नाइजीरिया सिविल वॉर के दौरान बियाफ्रा में लोग कैंप में रहने को मजबूर थे। वहां की हालता इतनी बुरी हो चुकी थी कि बच्चे मरने के कगार पर पहुंच चुके थे।
नाइजीरिया सिविल वॉर के दौरान बियाफ्रा में लोग कैंप में रहने को मजबूर थे। वहां की हालता इतनी बुरी हो चुकी थी कि बच्चे मरने के कगार पर पहुंच चुके थे।
नाइजीरिया सिविल वॉर के दौरान बियाफ्रा में लोग कैंप में रहने को मजबूर थे। वहां की हालता इतनी बुरी हो चुकी थी कि बच्चे मरने के कगार पर पहुंच चुके थे।
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1973 में टोरंटो (कनाडा) में जब पहली बार लड़कियां हाफ पैंट पहनकर निकल तो पुरुष उन्हें इस तरह घूरते नजर आए।
1973 में टोरंटो (कनाडा) में जब पहली बार लड़कियां हाफ पैंट पहनकर निकल तो पुरुष उन्हें इस तरह घूरते नजर आए।
1973 में टोरंटो (कनाडा) में जब पहली बार लड़कियां हाफ पैंट पहनकर निकल तो पुरुष उन्हें इस तरह घूरते नजर आए।
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1913 में मंगोलिया में क्रिमिनल केस के आरोप में एक महिला को भूख से मर जाने तक लकड़ी के बॉक्स में कैद कर रखा गया था।
1913 में मंगोलिया में क्रिमिनल केस के आरोप में एक महिला को भूख से मर जाने तक लकड़ी के बॉक्स में कैद कर रखा गया था।
1913 में मंगोलिया में क्रिमिनल केस के आरोप में एक महिला को भूख से मर जाने तक लकड़ी के बॉक्स में कैद कर रखा गया था।
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1870 के दशक में बिसन (जंगली भैंसे की एक प्रजाति) का अंधाधुंध शिकार किया गया था। इस दौरान इतनी भैंसे मारी गई थीं कि उनके सिरों का पहाड़ सा खड़ा हो गया था।
1870 के दशक में बिसन (जंगली भैंसे की एक प्रजाति) का अंधाधुंध शिकार किया गया था। इस दौरान इतनी भैंसे मारी गई थीं कि उनके सिरों का पहाड़ सा खड़ा हो गया था।
1870 के दशक में बिसन (जंगली भैंसे की एक प्रजाति) का अंधाधुंध शिकार किया गया था। इस दौरान इतनी भैंसे मारी गई थीं कि उनके सिरों का पहाड़ सा खड़ा हो गया था।
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ये तस्वीर है इराक की, जहां वॉर के दौरान अमेरिका सैनिक ने इस मासूम बच्चे के मां-बाप की हत्या कर दी थी।
ये तस्वीर है इराक की, जहां वॉर के दौरान अमेरिका सैनिक ने इस मासूम बच्चे के मां-बाप की हत्या कर दी थी।
ये तस्वीर है इराक की, जहां वॉर के दौरान अमेरिका सैनिक ने इस मासूम बच्चे के मां-बाप की हत्या कर दी थी।
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9 अगस्त 1945 की सुबह अमेरिकी फाइटर प्लेन ने दूसरा न्यूक्लियर अटैक जापान के नागासाकी पर किया था। न्यूक्लियर अटैक के बाद ऐसे गल गए थे लोगों के शरीर।
9 अगस्त 1945 की सुबह अमेरिकी फाइटर प्लेन ने दूसरा न्यूक्लियर अटैक जापान के नागासाकी पर किया था। न्यूक्लियर अटैक के बाद ऐसे गल गए थे लोगों के शरीर।
9 अगस्त 1945 की सुबह अमेरिकी फाइटर प्लेन ने दूसरा न्यूक्लियर अटैक जापान के नागासाकी पर किया था। न्यूक्लियर अटैक के बाद ऐसे गल गए थे लोगों के शरीर।

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