Photos of shelter home of former sex workers in Mexico City- Dainik Bhaskar
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ऐसा है प्रॉस्टिट्यूशन छोड़ चुकी महिलाओं का ठिकाना, देखें अंदर की PHOTOS

dainikbhaskar.com | Jan 12,2017 12:07 PM IST
  • ऐसा है प्रॉस्टिट्यूशन छोड़ चुकी महिलाओं का ठिकाना, देखें अंदर की PHOTOS
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मेक्सिको सिटी. ये फोटोज मेक्सिको में सेक्स वर्कर्स के लिए बनाए गए रिटायरमेंट होम की हैं। यहां प्रॉस्टिट्यूशन का पेशा छोड़ चुकी बुजुर्ग महिलाएं रह रही हैं। फ्रेंच फोटोग्राफर बेनेडिक्ट ने इनकी फोटोज अपने कैमरे में कैद की हैं। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट्स के लिए करीब एक दशक तक फॉर्मर सेक्स वर्कर्स की जिंदगी को करीब से देखा। 300 से ज्यादा वर्कर्स का है ये ठिकाना...
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मेक्सिको में सेक्स वर्कर्स के लिए बना रिटायरमेंट होम।
मेक्सिको में सेक्स वर्कर्स के लिए बना रिटायरमेंट होम।
मेक्सिको में सेक्स वर्कर्स के लिए बना रिटायरमेंट होम।
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यहां प्रॉस्टिट्यूशन का पेशा छोड़ चुकी बुजुर्ग महिलाएं रह रही हैं।
यहां प्रॉस्टिट्यूशन का पेशा छोड़ चुकी बुजुर्ग महिलाएं रह रही हैं।
यहां प्रॉस्टिट्यूशन का पेशा छोड़ चुकी बुजुर्ग महिलाएं रह रही हैं।
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फ्रेंच फोटोग्राफर बेनेडिक्ट ने इनकी फोटोज अपने कैमरे में कैद कीं।
फ्रेंच फोटोग्राफर बेनेडिक्ट ने इनकी फोटोज अपने कैमरे में कैद कीं।
फ्रेंच फोटोग्राफर बेनेडिक्ट ने इनकी फोटोज अपने कैमरे में कैद कीं।
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अपने प्रोजेक्ट्स के लिए करीब एक दशक तक फॉर्मर सेक्स वर्कर्स की जिंदगी को करीब से देखा है।
अपने प्रोजेक्ट्स के लिए करीब एक दशक तक फॉर्मर सेक्स वर्कर्स की जिंदगी को करीब से देखा है।
अपने प्रोजेक्ट्स के लिए करीब एक दशक तक फॉर्मर सेक्स वर्कर्स की जिंदगी को करीब से देखा है।
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बेनेडिक्ट ने अपने आठ साल के प्रोजेक्ट में 55 साल और उससे ज्यादा उम्र की वर्कर्स की फोटोज ली हैं।
बेनेडिक्ट ने अपने आठ साल के प्रोजेक्ट में 55 साल और उससे ज्यादा उम्र की वर्कर्स की फोटोज ली हैं।
बेनेडिक्ट ने अपने आठ साल के प्रोजेक्ट में 55 साल और उससे ज्यादा उम्र की वर्कर्स की फोटोज ली हैं।
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ये फोटोज \'लास अमोरोसास मास ब्रावास\' नाम की बुक में पब्लिश हुई है।
ये फोटोज \'लास अमोरोसास मास ब्रावास\' नाम की बुक में पब्लिश हुई है।
ये फोटोज \'लास अमोरोसास मास ब्रावास\' नाम की बुक में पब्लिश हुई है।
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ये रिटायरमेंट होम शहर के सबसे कमजोर तबके को सहारा देता है।
ये रिटायरमेंट होम शहर के सबसे कमजोर तबके को सहारा देता है।
ये रिटायरमेंट होम शहर के सबसे कमजोर तबके को सहारा देता है।
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इन महिलाओं ने अपनी पूरी एडल्ट लाइफ शहर की सड़कों पर तमाम खतरों के बीच गुजार दीं।
इन महिलाओं ने अपनी पूरी एडल्ट लाइफ शहर की सड़कों पर तमाम खतरों के बीच गुजार दीं।
इन महिलाओं ने अपनी पूरी एडल्ट लाइफ शहर की सड़कों पर तमाम खतरों के बीच गुजार दीं।
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18वीं सदी की ईंटों वाली ये बिल्डिंग कभी बॉक्सिंग म्यूजियम हुआ करती थी।
18वीं सदी की ईंटों वाली ये बिल्डिंग कभी बॉक्सिंग म्यूजियम हुआ करती थी।
18वीं सदी की ईंटों वाली ये बिल्डिंग कभी बॉक्सिंग म्यूजियम हुआ करती थी।
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अब ये बुजर्ग सेक्स वर्कर्स का ठिकाना है।
अब ये बुजर्ग सेक्स वर्कर्स का ठिकाना है।
अब ये बुजर्ग सेक्स वर्कर्स का ठिकाना है।
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ये होम मेक्सिको सिटी के सिटी सेंटर पर मौजूद है।
ये होम मेक्सिको सिटी के सिटी सेंटर पर मौजूद है।
ये होम मेक्सिको सिटी के सिटी सेंटर पर मौजूद है।
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ये वर्कर्स जगह-जगह मोटेल में काम करने और सड़कों पर सोने के बाद अब परमानेंट शेल्टर में रह रही हैं।
ये वर्कर्स जगह-जगह मोटेल में काम करने और सड़कों पर सोने के बाद अब परमानेंट शेल्टर में रह रही हैं।
ये वर्कर्स जगह-जगह मोटेल में काम करने और सड़कों पर सोने के बाद अब परमानेंट शेल्टर में रह रही हैं।
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ये शेल्टर पूर्व सेक्स वर्कर कैमरेन मुनोज की पहल पर खुला।
ये शेल्टर पूर्व सेक्स वर्कर कैमरेन मुनोज की पहल पर खुला।
ये शेल्टर पूर्व सेक्स वर्कर कैमरेन मुनोज की पहल पर खुला।
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कैमरेन ने कई प्रॉस्टिट्यूट्स को गंदे प्लास्टिक बैग्स पर सोते देखा।
कैमरेन ने कई प्रॉस्टिट्यूट्स को गंदे प्लास्टिक बैग्स पर सोते देखा।
कैमरेन ने कई प्रॉस्टिट्यूट्स को गंदे प्लास्टिक बैग्स पर सोते देखा।
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उन्होंने इसे खोलने के लिए सरकार से 20 साल तक जंग लड़ी।
उन्होंने इसे खोलने के लिए सरकार से 20 साल तक जंग लड़ी।
उन्होंने इसे खोलने के लिए सरकार से 20 साल तक जंग लड़ी।
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2006 में सरकार से होम के लिए बिल्डिंग और फंड मिला।
2006 में सरकार से होम के लिए बिल्डिंग और फंड मिला।
2006 में सरकार से होम के लिए बिल्डिंग और फंड मिला।
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2006 में पहली वर्कर ने शरण ली और अब यहां करीब 300 महिलाएं रह रही हैं।
2006 में पहली वर्कर ने शरण ली और अब यहां करीब 300 महिलाएं रह रही हैं।

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