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आतंकियों के चंगुल में हुई गैंगरेप का शिकार, 20 महीने कैद में देखी ये क्रूरता

dainikbhaskar.com | Jan 10,2017 6:00 PM IST
म्यूनिख. लामिया आजी बशर। सिर्फ 18 साल की यह लड़की इराक में आईएस के क्रूर अत्याचार के विरोध का प्रतीक है। वह 20 महीने तक आतंकियों के कब्जे में रही। कई बार बेची गई और गैंगरेप का शिकार हुई। आखिरकार वह भागने में कामयाब रहीं। अब वो जर्मनी में सीरिया और इराक के रिफ्यूजियों के लिए काम कर रही हैं। उसे और स्लेव बनकर रहीं नादिया मुराद को हाल ही में यूरोपियन यूनियन के सखारोव अवॉर्ड से नवाजा गया। आतंकियों ने मेरे परिवार की ले ली जान...
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लामिया आजी बशर।
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18 साल की यह लड़की इराक में आईएस के क्रूर अत्याचार के विरोध का प्रतीक है।
18 साल की यह लड़की इराक में आईएस के क्रूर अत्याचार के विरोध का प्रतीक है।
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20 महीने तक आतंकियों के कब्जे में रही।
20 महीने तक आतंकियों के कब्जे में रही।
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20 महीने बाद भागने में कामयाब हुईं लामिया पहले ऐसी दिखती थीं।
20 महीने बाद भागने में कामयाब हुईं लामिया पहले ऐसी दिखती थीं।
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अभी वो जर्मनी में सीरिया और इराक के रिफ्यूजियों के लिए काम कर रही हैं।
अभी वो जर्मनी में सीरिया और इराक के रिफ्यूजियों के लिए काम कर रही हैं।
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हाल ही में उन्हें यूरोपियन यूनियन के सखारोव अवॉर्ड से नवाजा गया।
हाल ही में उन्हें यूरोपियन यूनियन के सखारोव अवॉर्ड से नवाजा गया।
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यजीदी मूल की लामिया को अगस्त 2014 में आईएस के आतंकियों ने अगवा किया था।
यजीदी मूल की लामिया को अगस्त 2014 में आईएस के आतंकियों ने अगवा किया था।

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Web Title: Yazidi teenager Lamiya Haji kidnapped by ISIS reveals brutal treatment
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)