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मौत को मात देने वाले 8 दिलचस्प मामले, जब लोगों ने नहीं हारी हिम्मत

dainikbhaskar.com | Jan 13,2017 10:37 AM IST
इंटरनेशनल डेस्क.समुद्र में एक महीने से लापता न्यूजीलैंड का एक शख्स अपनी 6 साल की बेटी के साथ ऑस्ट्रेलिया पहुंचा। इस दौरान तमाम खतरों से जूझते हुए एलेन लैंगडोन और उनकी बेटी क्यू ने अपनी जान बचाई। मौत के मात देने का ये कोई अकेला या पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सर्वाइवर के एक से एक खतरनाक मामले सामने आ चुके हैं।आगे की स्लाइड्स में हम इस मामले के साथ ही सर्वाइवर के बाकी मामलों के बारे में बता रहे हैं...
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सिम्बॉलिक फोटो।
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1 महीने समुद्र के बीच तूफान में फंसे रहे, टूटी बोट के सहारे बचाई जान
एलेन लैंगडोन और क्यू
ऑस्ट्रेलिया
एलेन लैंगडोन और छह साल की बेटी क्यू,  कावहिया से न्यूजीलैंड के ईस्ट कोस्ट पर मौजूद बे ऑफ आइलैंड के छोटे से सफर पर निकले थे, लेकिन एक समुद्री तूफान की चपेट में आकर उनकी बोट का पिछला हिस्सा टूट गया। इसके बाद ये दोनों तस्मान सागर में करीब 2000 किलोमीटर का दुश्वार सफर कर एक महीने बाद गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के तट पर पहुंचे। एलेन ने सिडनी से 230 किमी साउथ में उल्लादुल्ला बंदरगाह पर अपनी नाव को किनारे पर लगाने के बाद लोकल मीडिया को इसकी जानकारी दी। 
 
उन्होंने बताया, ''जब हमारी नाव का पिछला हिस्सा टूट गया, हमारे पास कोई ज्यादा रास्ते नहीं बचे थे। तब मैं मौसम ठीक होने का इंतजार कर रहा था जो हुआ नहीं। ऐसी स्थिति में हमने खुद को समुद्र के सहारे छोड़ दिया और लहरें हमें साउथ की ओर धकेलने लगीं। उसी दौरान मैंने फैसला लिया कि तस्मान सागर पार करके ऑस्ट्रेलिया की ओर बढ़ना सुरक्षित रहेगा।"  
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9 दिन रेगिस्तान में चमगादड़ों का खून पीकर बुझाई प्यास
मौरो प्रॉसपेरी, 
पुलिसकर्मी, इटली
मामला 1994 का है, जब एक इतालवी पुलिसकर्मी 39 वर्षीय मौरो प्रॉसपेरी सहारा के रेगिस्तान में रेतीले तूफान में फंस गया और रास्ता भटक गया। कई दिन बाद उसने अपने आपको 186 मील दूर अल्जीरिया में पाया, जहां उसने एक वीरान पड़े मस्जिद में शरण ली। खाने और पानी के लिए भटकने के बाद उसने दो चमगादड़ों की गर्दन तोड़ी और उनका खून पीकर अपनी प्यास बुझाई। प्यास के तड़पते हुए इस दौरान उसने अपनी पेशाब भी पी। नौ दिनों बाद उसे एक परिवार ने बचाया। 
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रिमोट इलाके में 3 महीने तक जोंक और मेंढक खाकर बचाई जान
रिक्की मिगी, ऑस्ट्रेलिया
35 वर्षीय रिक्की मिगी को 2006 में जब ऑस्ट्रेलिया के वीरान पड़े इलाके आउटबैक से निकाला गया था, तो वो बिल्कुल एक चलत-फिरते कंकाल की तरह था। ये पूरी तरह से साफ नहीं है कि वो कैसे उस जगह पहुंचा। हालांकि, रिक्की का दावा है कि कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी में लिफ्ट मांगी और उसे मरने के लिए वहीं छोड़ दिया। इस दौरान उसने तीन महीने इस जगह पर जोंक और मेंढक खाकर खुद को जिंदा रखा। 
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डूबे जहाज से 3 दिन बाद निकाले गए जिंदा
हरीसन ओकेने, नाइजीरिया
2013 में एक जहाज नाइजीरिया के पास समुद्र में डूब गया, लेकिन लोगों को हैरानी तब हुई जब जहाज में सवार 12 लोगों में से एक शख्स जिंदा निकला। शिप में कुक का काम करने वाले हरीसन ओकेने जहाज के बहुत ही छोटे से कोने में तीन दिनों तक फंसे रहे। हर तरह अंधेरा था, बस अच्छा यही था कि वहां तक पानी नहीं पहुंच पाया था। हरीसन को इस दौरान अपने साथी क्रू मेंबर्स के शवों की बदबू ने भी परेशान किया और लाशों को खाती मछलियों ने भी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। शवों को निकालने के लिए पहुंची टीम भी इन्हें देखकर हैरान थी।
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प्लेन क्रैश में अकेले बची, फिर 9 दिनों तक जंगल में भटककर बचाई जान
जूलियन कोएपेक, जर्मनी
जर्मन बायोलॉजिस्ट 58 वर्षीय जूलियन कोएपेक 1971 में हुए एक विमान हादसे में बचने वाली अकेली शख्स हैं। विमान पेरू रेन फॉरेस्ट के बीचोबीच पहुंचा ही था कि बिजली की चपेट में आ गया। सीट में फंसे हुए ही जूलियन तकरीबन हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे गिरीं। जूलियन बताती हैं कि इस दौरान वो बिल्कुल अचेत अवस्था में थीं। हालांकि, कि वो घने पेड़ों में फंसकर इस तरह गिरीं कि चोट सिर्फ उनकी कॉलरबोन में आई। इसके बाद वो करीब 9 दिनों तक जंगल में भटकीं, जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू टीम ने निकाला। 
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अमेजन के जंगल में 12 दिनों तक कीड़े-मकोड़े खाकर रहे जिंदा
गिलेनो विएइरा दा रोचा 
इंजीनियर, ब्राजील
2014 में ब्राजील के रहने वाले इंजीनियर गिलेनो विएइरा दा रोचा अमेजन के जंगल में गायब हो गए थे। उन्होंने 12 दिनों तक कीड़े-मकोड़े खाकर खुद को सुरक्षित रखा था। रोचा ट्रांस अमेजन हाइवे 300 मील मनौस के दक्षिणी हिस्से में काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जाने के लिए जिसे रास्ते को शॉर्ट कट समझकर चुना, उस पर वो भटक गए और जंगल में ही फंस गए। भूख से बेहाल होने के बाद उन्होंने पेट भरने के लिए कीड़े-मकोड़ों को अपना निवाला बनाया। 12 दिनों के बाद पुलिस और फायरफाइटर्स की टीम ने उन्हें ढूंढ निकाला। रोचा जगह-जगह घायल और बेहोशी की हालत में जंगल में मिले थे। 
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47वीं मंजिला इमारत से गिरे और बच गई जान
एल्साइड्स, न्यूयॉर्क
एल्साइड्स और इगर मोरेना न्यूयॉर्क के अपार्टमेंट की सफाई कर रहे थे। वो 47वीं मंजिल के कांच साफ कर रहे थे, कि तभी उनके प्लेटफॉर्म को रोकने वाली केबिल टूट गई और दोनों 500 फीट की ऊंचाई से गिर पड़े। दोनों में से किसी ने भी सेफ्टी गार्ड्स नहीं पहना था। इस हादसे में ईगर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 37 वर्षीय एल्साइड्स कोमा में चले गए। उनके शरीर के हर हिस्से में गंभीर चोटें आई थीं। वो ना सिर्फ इन तकलीफों के बाद जिंदा बचने में कामयाब रहा, बल्कि वो पहले तरह चल फिर भी सकता है। 
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2 महीने जंगल में अकेले भटकने के बाद कीड़े-मकोड़ों से जकड़ा मिला
मैथ्यू एलन, ऑस्ट्रेलिया
18 वर्षीय मैथ्यू एलन ऑस्ट्रेलिया के एक जंगल में गायब हो गया था। करीब दो महीने तक वो जंगल में भटकता रहा। इसके बाद उसे दो यात्रियों ने कीड़े-मकोड़ों से जकड़े हुई हालत में जंगल से निकाला था। इस दौरान उसकी आंखों से दिखना भी काफी कम हो गया। परिवार से दूर होने और जंगल में भटकने के दौरान उसका वजन तकरीबन 30 से 40 किलो तक घट गया था। 

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Web Title: Amazing and Harrowing True Survival Stories Showing Human Spirit
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